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भारत–अफ्रीका संबंध: 21वीं सदी में बदलते आयाम और संभावनाएँ

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Abstract

भारत और अफ्रीका के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आर्थिक तथा राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। प्राचीन काल से ही दोनों क्षेत्रों के बीच समुद्री व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मानवीय संपर्क स्थापित रहे हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत और अधिकांश अफ्रीकी देशों ने उपनिवेशवाद, नस्लभेद तथा साम्राज्यवाद के विरुद्ध समान विचारधारा अपनाई, जिसने उनके संबंधों को और अधिक मजबूत बनाया। 21वीं सदी में वैश्विक शक्ति संतुलन में आए परिवर्तनों, वैश्वीकरण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा तथा बहुपक्षीय सहयोग के कारण भारत–अफ्रीका संबंधों का महत्व लगातार बढ़ा है।
वर्तमान समय में भारत अफ्रीका का एक महत्वपूर्ण विकास साझेदार बन चुका है। भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृषि, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग तथा बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे क्षेत्रों में अफ्रीकी देशों के साथ सक्रिय सहयोग कर रहा है। दूसरी ओर, अफ्रीका भारत के लिए ऊर्जा संसाधनों, खनिजों, उभरते बाजारों तथा वैश्विक दक्षिण (Global South) में रणनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण केंद्र है।
यह शोध-लेख 21वीं सदी में भारत–अफ्रीका संबंधों के बदलते स्वरूप, प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
 

How to Cite This Article

रमन हलदार (2026). भारत–अफ्रीका संबंध: 21वीं सदी में बदलते आयाम और संभावनाएँ . International Journal of Multidisciplinary Evolutionary Research (IJMER), 7(2), 28-30.

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